
अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान का जारी युद्ध अब वैश्विक चिंता का विषय बनता जा रहा है। ऐसे में कई विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका को इस युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त कर देना चाहिए, क्योंकि इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फिलहाल दोहरी रणनीति अपना रहे हैं। एक तरफ वे ईरान के ऊर्जा ढांचे को बचाने का प्रस्ताव दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ हमले तेज करने की चेतावनी भी दे रहे हैं। लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि उन्हें दबाव की बजाय समझौते की दिशा में ज्यादा झुकाव दिखाना चाहिए।
अगर ईरान के बिजली और ऊर्जा ढांचे को पूरी तरह तबाह किया जाता है, तो इससे पर्यावरणीय संकट पैदा होगा और देश की अर्थव्यवस्था लंबे समय तक बर्बाद हो सकती है। इसके चलते बड़ी संख्या में शरणार्थी पैदा होंगे, जो यूरोप और अमेरिका तक पहुंच सकते हैं और भविष्य में अस्थिरता का कारण बन सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका एकतरफा युद्धविराम की घोषणा कर क्षेत्र से हट जाता है, तो ईरान के पास भी हॉर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का आर्थिक कारण होगा। इससे दुनिया भर में तेल की कीमतों में तुरंत गिरावट आ सकती है।
हालांकि, अगर ईरान जहाजों को निशाना बनाना जारी रखता है, तो यह सिर्फ अमेरिका का नहीं बल्कि पूरी दुनिया का मुद्दा बन जाएगा और अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण ईरान पीछे हट सकता है।
इस युद्ध के दौरान “रेजीम चेंज” यानी सरकार बदलने की संभावना भी बहुत कम मानी जा रही है। इतिहास बताता है कि बमबारी के दौरान सरकारें आसानी से नहीं गिरतीं, लेकिन इससे शासन व्यवस्था कमजोर जरूर हो सकती है।
विशेषज्ञ यह भी सुझाव देते हैं कि अगर अमेरिका युद्ध रोकता है, तो वह अंदरूनी विरोधी समूहों को समर्थन देकर दबाव बना सकता है।
सबसे बड़ा कारण, जिससे यह युद्ध खत्म करना जरूरी माना जा रहा है, वह है अमेरिका की घरेलू राजनीति। अमेरिकी जनता इस युद्ध से खुश नहीं है, खासकर पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और बढ़ती महंगाई के कारण। युद्ध के चलते लोगों में असुरक्षा और चिंता का माहौल भी बढ़ रहा है।
अमेरिका में चुनावी माहौल को देखते हुए भी यह जरूरी माना जा रहा है कि सरकार अंतरराष्ट्रीय संघर्षों की बजाय घरेलू मुद्दों जैसे महंगाई, रोजगार और आर्थिक स्थिरता पर ध्यान दे।
विश्लेषकों का कहना है कि अगर ट्रंप प्रशासन को जनता का समर्थन बनाए रखना है, तो उसे जल्द से जल्द इस युद्ध को खत्म कर देश के अंदरूनी मुद्दों पर फोकस करना होगा।
