
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव (23 और 29 अप्रैल) से पहले चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है। मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (MCC) लागू होने के बाद राज्यभर में सख्ती बढ़ा दी गई है, जिसके तहत अब तक 181 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी, शराब, ड्रग्स और फ्रीबीज जब्त किए गए हैं। मतगणना 4 मई को होगी।
चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूरे राज्य में कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि आचार संहिता का पूरी तरह पालन हो सके।
अवैध पोस्टर और संपत्ति पर कार्रवाई
अधिकारियों ने अवैध राजनीतिक विज्ञापनों और दीवारों पर लिखे गए प्रचार (डिफेसमेंट) के खिलाफ भी बड़े स्तर पर अभियान चलाया है।
- 3,11,829 सार्वजनिक संपत्तियों से पोस्टर/लिखावट हटाई गई
- 19,901 निजी संपत्तियों को भी साफ कराया गया
- कुल मिलाकर 3,58,986 मामले दर्ज किए गए
निगरानी के लिए बड़ी तैनाती
चुनाव आयोग ने सख्ती बढ़ाते हुए बड़ी संख्या में टीमें तैनात की हैं—
- 1,800 से ज्यादा फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें (FST)
- 2,200 से ज्यादा स्टैटिक सर्विलांस टीमें (SST)
ये टीमें शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई कर रही हैं और अवैध नकदी व सामान के परिवहन पर नजर रख रही हैं।
कानून-व्यवस्था पर खास नजर
कोलकाता पुलिस और केंद्रीय बलों ने बरानगर और कालीघाट में हालात बिगड़ने से पहले ही हस्तक्षेप किया और स्थिति को नियंत्रित किया।
इसके अलावा—
- धमकी और डराने-धमकाने के मामलों में गिरफ्तारियां हुई हैं
- अवैध हथियार और विस्फोटक भी बरामद किए गए हैं
बंगाल चुनाव से पहले प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। चुनाव आयोग की सख्ती से साफ है कि इस बार किसी भी तरह की गड़बड़ी या अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
